
डिण्डौरी आज दिनांक 17 /03/2026 को कृषि अभियांत्रिकी विभाग, डिण्डौरी द्वारा चयनित यंत्र दूत ग्राम चंद्रगढ़ विकासखण्ड अमरपुर के ग्राम चंद्रागढ़ में नरवाई प्रबंधन विषय पर कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम चयनित यंत्रदूत ग्राम के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों एवं तकनीकों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के दौरान उपयंत्री सुश्री पूनम कोराम द्वारा मध्यम वर्ग के किसानों को कृषि यंत्रीकरण के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई तथा उन्हें विभिन्न कृषि यंत्रों के उपयोग एवं शासकीय योजनाओं के अंतर्गत आवेदन करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने नरवाई प्रबंधन हेतु उपयोग में आने वाले आधुनिक कृषि यंत्रों जैसे सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, स्ट्रॉ रीपर, बेलर, स्मार्ट सीडर एवं किसान ड्रोन आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से इन यंत्रों की उपलब्धता एवं उपयोग की प्रक्रिया भी समझाई गई।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान, जैसे वायु प्रदूषण, मृदा की उर्वरता में कमी तथा सूक्ष्मजीवों के नष्ट होने के दुष्प्रभावों के बारे में बताया गया। इसके साथ ही यांत्रिक विधियों से नरवाई प्रबंधन करने के लाभों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया, जिससे न केवल पर्यावरण संरक्षण होता है बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता भी बनी रहती है।
कार्यक्रम में कृषि विकास अधिकारी मूलचंद बच्छेल द्वारा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई तथा मृदा परीक्षण के महत्व को समझाया गया। उन्होंने किसानों को बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का संतुलित उपयोग कर उत्पादन बढ़ाया जा सकता है तथा लागत में कमी लाई जा सकती है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को नरवाई प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया गया एवं उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
अंत में कृषि अभियांत्रिकी विभाग, डिण्डौरी द्वारा किसानों से नरवाई न जलाने की अपील की गई|